सीएम भजनलाल ने 181 हेल्पलाइन पर खुद बैठकर सुनी ग्रामीणों की शिकायतें, कई समस्याओं का तुरंत समाधान

सीएम भजनलाल का अनोखा प्रयोग — खुद बने 181 हेल्पलाइन ऑपरेटर

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को एक अनोखी पहल करते हुए राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर सीधे कॉल रिसीव किए।
वे हेल्पलाइन केंद्र पहुँचे और वहां मौजूद कर्मचारियों की जगह खुद फोन उठाकर आम जनता की समस्याएं सुनीं।

इस कदम का उद्देश्य था—
शिकायत प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति समझना।
लोगों की तकलीफें सीधे सुनना।
तुरंत समाधान सुनिश्चित करना।
ग्रामीण पहले तो चौंक गए कि सच में सीएम उनसे बात कर रहे हैं, लेकिन बाद में खुलकर उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं।

पहली शिकायत: सड़क के बीच बिजली का पोल — ग्रामीण परेशान

पहली बार सीएम ने सीधे फोन पर समस्या सुनी

स्थान: नवलगढ़
शिकायतकर्ता: सुदीर

सुदीर ने बताया कि उनके गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बन रही है।
इस सड़क के बीच में एक बिजली का पोल खड़ा रह गया है।
इससे—
वाहनों की आवाजाही में दिक्कत।
ग्रामीणों को रोजाना परेशानी।
सड़क का पूरा फायदा नहीं मिल रहा।

सीएम भजनलाल का निर्देश:
“निश्चिंत रहें, आज ही समाधान करवा रहा हूँ।”

कॉल समाप्त होने के थोड़ी देर बाद ही कलेक्टर को पोल हटाने का निर्देश जारी किया गया।
यह समस्या हाथों-हाथ हल हो गई।

दूसरी शिकायत: नाले की सफाई नहीं, सड़क पर भरा गंदा पानी

स्थान: कोटपूतली-बहरोड़
शिकायतकर्ता: नेमीचंद (वार्ड 29, गोपालपुर-बहरोड़)

नेमीचंद ने बताया कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई है।
इस कारण—
गंदा पानी सड़क पर बह रहा है।
लोगों का चलना मुश्किल।
दुर्गंध और बीमारियों का खतरा।
उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

सीएम ने तुरंत कहा—
“आपका काम आज ही होगा, आप परेशान मत हो।”
कॉल के बाद संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्य तुरंत शुरू करने के आदेश दे दिए गए।

कॉल पर ही कई समस्याओं का मौके पर समाधान

सीएम ने सिर्फ शिकायतें ही नहीं सुनीं, बल्कि—
कॉल पर ही अधिकारियों से सीधा संपर्क किया।
समस्याओं की गंभीरता समझी।
मौके पर समाधान के निर्देश दि
यह पहली बार हुआ कि मुख्यमंत्री ने खुद हेल्पलाइन की भूमिका निभाकर सार्वजनिक समस्याओं को तत्परता से हल किया।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: ‘पहली बार किसी CM ने हमारी समस्या सीधे फोन पर सुनी

ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर सराहना की।
कई लोगों ने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री सीधे फोन उठा रहे हैं।
इससे प्रशासनिक सिस्टम में—

जवाबदेही बढ़ी

ग्रामीणों का भरोसा मजबूत हुआ।
शिकायत समाधान प्रक्रिया तेज हुई।

प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

सीएम भजनलाल का यह कदम जनता से सीधे जुड़ने का एक मजबूत प्रयास साबित हुआ।
उन्होंने दिखाया कि अगर प्रशासन में इच्छाशक्ति हो, तो समस्याओं को उसी समय निपटाया जा सकता है।

यह पहल आगे भी राजस्थान की शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत कर सकती है।

ग्रामीण समाचार

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने